सस्ता 5G Phone लेने में फायदा है या नुकसान, जानें

इंडिया में 5G ट्रॉयल्स शुरू हो चुके हैं और Reliance Jio, Airtel तथा Vi जैसी टेलीकॉम कंपनियां जल्द ही 5जी नेटवर्क लेकर आने की जुगत में लगी है। देश में 5G SmartPhone भी लॉन्च होने लगे हैं और टेक कंपनियों फ्लैगशिप सेग्मेंट के साथ ही लो बजट में भी 5जी फोन लेकर आ रही है। 

Apple और Samsung जहां हाईएंड 5जी फोन के मशहूर हो रहे हैं वहीं Xiaomi, Realme, OPPO और VIVO सहित Oneplus, POCO तथा iQOO ब्रांड भी कम कीमत वाले 5G Phone लेकर आ रहे हैं। आज भारतीय बाजार में 15,000 रुपये तक के बजट में 5जी फोन खरीदा जा सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या हमें कम कीमत वाला सस्ता 5जी फोन खरीदना चाहिए ? आगे हमनें ऐसे ही कुछ प्वाइंट्स का जिक्र किया है जो बताएंगे कि सस्ता 5जी फोन लेने मे फायदा है या नुकसान।

अभी लेंगे 5G Phone तो बाद में पड़ेगा पछताना

सबसे पहले तो आपको बता दें कि यदि आप अपना नया मोबाइल सिर्फ 5G Phone देखकर ले रहे हैं तो यह बेहद बड़ी गलती होगी। बेशक टेक ब्रांड्स ने अपने 5जी फोंस भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिए हैं लेकिन यह सच है कि 5G Network को भारत में शुरू होने में अभी वक्त लगेगा। और जब तक इंडिया में 5जी नेटवर्क तथा 5G Internet की शुरूआत होगी तब तब आपका 5G SmartPhone पुराना और आउट डेटेड हो चुका होगा। आज जब हर महीने दर्जनभर फोन लॉन्च हो रहे हैं वहीं अगले साल 5जी शुरू होने तक तो न जानें कितने 5जी फोन मार्केट में दस्तक दे चुके होंगे। इसलिए बेहतर है कि 5जी नेटवर्क आने पर ही 5जी फोन खरीदा जाए।

इन मामलों में 5G SmartPhone से पीछे है 4G Phone


Display की चमक फीकी

कम कीमत वाले 5G Phone में फोन की स्क्रीन के साथ समझौता करना पड़ता है। ऐसे स्मार्टफोंस में हाई रेज्ल्यूशन वाली डिसप्ले तो दे दी जाती है लेकिन स्क्रीन की Refresh Rate, nits Brightness और Contrast Ratio से लेकर PPI तथा DPI में कमी कर दी जाती है। वहीं कम कीमत वाले 5जी फोन में इन-डिसप्ले फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे फीचर्स भी इग्नोर कर दिए जाते है। वहीं दूसरी ओर उसी बजट के 4G Phone में यह सभी चीजें बेहतर मिलती हैं।

5 reasons you should not buy a cheap 5G smartphone in India

Camera की क्वॉलिटी

डिसप्ले की ही तरह कम कीमत में 5जी फोन लाने के चक्कर में स्मार्टफोन ब्रांड उसके कैमरे से भी कॉम्प्रोमाइज़ कर लेते हैं। 15,000 रुपये तक के बजट में एक 4जी स्मार्टफोन जहां 64 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर और क्वॉड रियर कैमरे से लैस होता है वहीं 5जी फोन में सेंसर्स की गिनती और मेगापिक्सल पावर कम मिलती है। वहीं सस्ते 5G Phone में Macro lens, TelePhoto Lens, Ultra Wide Angle और Depth Sensor से भी समझौता करना पड़ता है।

RAM Storage से समझौता

आज 10,000 से 12,000 रुपये तक के बजट वाले 4G SmartPhones में 6GB RAM और 128GB Storage खूब देखने को मिलती है। लेकिन 5G Phones की बात करें तो टेक कंपनियां कम बजट में लाने के चक्कर में इनकी रैम मैमोरी और इंटरनल स्टोरेज से भी समझौता कर लेती है। कुछ ब्रांड सस्ते 5जी फोन में 6जीबी रैम ला तो रहे हैं लेकिन उनमें DDR ‘डबल डाटा रेट’ और फोन की स्टोरेज टेक्नोलॉजी को पीछे छोड़ा जा रहा है।

Processor की स्पीड

रैम मैमोरी की ही तरह सस्ते 5G Phones के प्रोसेसर उसी बजट के 4G SmartPhones की तुलना में कम पावरफुल होते हैं। Qualcomm और MediaTek जैसी चिपसेट बनाने वाली टेक कंपनियां अपने लो बजट 5जी फोंस के प्रोसेसर में Dual Mode 5G सपोर्ट (SA/NSA) तो मुहैया कराती है लेकिन ऐसे चिपसेट 4जी मोबाइल फोंस के चिपसेट की तुलना में कम ताकतवर होते हैं। हॉं, ये 5जी नेटवर्क तो सपोर्ट कर लेंगे लेकिन फोन की प्रोसेसिंग पर काम धीमा महसूस होगा।

Battery बैकअप की कमी

4G SmartPhones की अपेक्षा 5G Phones में बैटरी पावर और चार्जिंग तकनीक दोनों में समझौता किया जाता है। भारतीय बाजार में आज 6,000एमएएच बैटरी वाले स्मार्टफोन 13,000 रुपये तक की कीमत पर सेल के लिए उपलब्ध हैं लेकिन 15,000 रुपये तक के 5जी फोंस की बात आती हैं तो यहां बैटरी पावर कम देखने को मिलती है। इसी तरह सस्ते 5जी फोंस में फास्ट चार्जिंग तकनीक की वॉट पावर भी कम देते हुए फोन की कॉस्ट कटिंग की जाती है।

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