साइबर हमलों के सबसे प्रभावित बाजारों में भारत का पहला नाम, साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

साइबर सिक्योरिटी फर्म Check Point के अनुसार, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (EMEA) क्षेत्र में अमेरिका और एशिया प्रशांत (APAC) के बाद उच्चतम वृद्धि दिखाते हुए, पिछले छह महीनों में ऑर्गेनाइजेशन्स पर साइबर हमले वैश्विक स्तर पर 29 प्रतिशत बढ़े हैं। संगठनों पर रैंसमवेयर हमलों की संख्या में भी 2021 की पहली छमाही में सालाना 93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुछ वैश्विक बाजारों की तुलना में, भारत हमलावरों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य प्रतीत होता है।

साइबर सिक्योरिटी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता.

Check Point ने गुरुवार को अपनी 'साइबर अटैक ट्रेंड्स: 2021 मिड-ईयर रिपोर्ट' (Cyber Attack Trends: 2021 Mid-Year Report) जारी की, जहां इसने सरकार, स्वास्थ्य सेवा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे सहित सभी क्षेत्रों में संगठनों पर साइबर हमले की वृद्धि पर प्रकाश डाला।

अमेरिका में, साइबर हमले 17 प्रतिशत बढ़कर औसतन 443 साप्ताहिक हमले हो गए। हालांकि, ईएमईए क्षेत्र में परिवर्तन और भी बड़ा था क्योंकि प्रति संगठन हमलों का साप्ताहिक औसत 777 था यानि कि 36 प्रतिशत की वृद्धि। विशेष रूप से यूरोप में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि लैटिन अमेरिका में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, APAC में संगठनों ने 1,338 साप्ताहिक हमले देखे, जो इस साल की शुरुआत से 13 प्रतिशत अधिक है।

चेक प्वाइंट की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विशेष रूप से भारत में, पिछले छह महीनों में प्रति सप्ताह औसतन 1,738 बार एक संगठन पर हमला किया जा रहा है, जबकि वैश्विक स्तर पर प्रति संगठन 757 हमले होते हैं। शिक्षा और अनुसंधान, सरकार और सैन्य, बीमा और कानूनी, मैन्यूफैक्चिरिंग और स्वास्थ्य सेवा पिछले छह महीनों में हमलावरों द्वारा टारगेट किए जाने वाले सबसे अधिक प्रभावित उद्योग थे।

विशेष रूप से भारत में, पिछले छह महीनों में औसतन प्रति सप्ताह एक संगठन पर 1,738 बार हमला किया गया।

रैंसमवेयर हमलों में भी तेजी आई है। Check Point ने कहा कि संगठनों से संवेदनशील डेटा चोरी करने और पेमेंट नहीं होने तक इसे सार्वजनिक रूप से जारी करने की धमकी देने के अलावा, हमलावर अब संगठनों के ग्राहकों के साथ-साथ उनके बिजनेस पार्टनर्स को भी निशाना बना रहे हैं और उनसे फिरौती की भी मांग कर रहे हैं।

SolarWinds सहित सप्लाई चेन के हमले इस साल रैंसमवेयर हमलों के साथ बढ़े। Codecov और Kaseya भी सबसे हालिया परिष्कृत सप्लाई चेन हमलों में से एक थे।

चेक प्वाइंट ने ये भी जोर दिया कि जनवरी में Emotet botnet के टेकडाउन के बाद, हमलावर अन्य मैलवेयर विकल्पों की खोज कर रहे हैं, जैसे कि Trickbot, Dridex, Qbot और IcedID आदि।

Check Point में VP Research Maya Horowitz ने कहा, "2021 की पहली छमाही में, साइबर अपराधियों ने हाइब्रिड वर्किंग में बदलाव का फायदा उठाने के लिए संगठनों की सप्लाई चेन और पार्टनर्स के लिए नेटवर्क लिंक को टारगेट करने के लिए अपनी कार्यप्रणाली को अनुकूलित करना जारी रखा है।"

Check Point ने यह भी भविष्यवाणी की कि रैंसमवेयर हमलों की चल रही वृद्धि बड़ी होती रहेगी। यह अमेरिका में Joe Biden प्रशासन सहित सरकारों द्वारा रैंसमवेयर लक्ष्यीकरण को रोकने के प्रयासों को प्राथमिकता देने के बावजूद हो सकता है। हैकर्स के विकसित होने की उम्मीद है और रैंसमवेयर हमलों को बढ़ावा देने के लिए नए समूह बनाए जा सकते हैं।

अतिरिक्त जानकारी के साथ संपूर्ण सुरक्षा रिपोर्ट Check Point site के माध्यम से डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। रिपोर्ट डाउनलोड करने के लिए आपको फर्म के साथ एक अकाउंट बनाना होगा।

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